Uttarakhand

कांवड़ मेला 2026 को लेकर मेरठ में महामंथन: यूपी के मुख्य सचिव और डीजीपी की अध्यक्षता में हुई बैठक

मेरठ: आगामी कांवड़ मेला-2026 को पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में सोमवार को मेरठ स्थित आयुक्त कार्यालय में एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय अंतरराज्यीय समन्वय बैठक का आयोजन किया गया।

इस हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री राजीव कृष्ण ने संयुक्त रूप से की।

दोनों राज्यों के शीर्ष अधिकारियों की रही मौजूदगी
कांवड़ यात्रा के रूट और सुरक्षा का एक बड़ा हिस्सा उत्तराखंड (विशेषकर हरिद्वार) से जुड़ा होने के कारण, इस बैठक में देवभूमि की ओर से भी आला अधिकारी विशेष रूप से शामिल हुए। उत्तराखंड प्रतिनिधिमंडल में ये प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे:

डा. वी. मुरगेशन (ADG, अपराध एवं क़ानून व्यवस्था, उत्तराखंड)

श्री आनंद स्वरूप (गढ़वाल आयुक्त)

श्री राजीव स्वरूप (आईजी, गढ़वाल रेंज)

श्री नवनीत सिंह (SSP, हरिद्वार)

सुरक्षा, रूट डायवर्जन और जनसुविधाओं पर हुआ विस्तृत विचार-विमर्श
बैठक के दौरान आगामी कांवड़ यात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों राज्यों के बीच रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन (बेहतर तालमेल) पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया। अधिकारियों के बीच मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए:

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था: कांवड़ पटरियों और संवेदनशील इलाकों में पैनी नजर रखने तथा असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए संयुक्त सुरक्षा चक्र तैयार करने पर सहमति बनी।

स्मार्ट यातायात प्रबंधन: यात्रा के दौरान आम जनता को असुविधा न हो और शिवभक्तों की राह भी आसान रहे, इसके लिए अंतरराज्यीय रूट डायवर्जन प्लान पर चर्चा की गई।

श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं: कांवड़ मार्गों पर पेयजल, चिकित्सा शिविर, लाइट की व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को 24 घंटे अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए।

“सुरक्षित और सुचारु यात्रा हमारी साझा जिम्मेदारी”
प्रशासन का कड़ा संदेश:
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकारियों ने एक सुर में कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ एक विशाल आयोजन है। इसे सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी आपस में हर छोटी-बड़ी खुफिया जानकारी साझा करेगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते टाला जा सके।

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